गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम दौरे पर रहे, जहां उन्होंने राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी। डिब्रूगढ़ के नेशनल हाईवे पर पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्वयं भारतीय वायुसेना के लॉकहीड सी-130 हरक्यूलस विमान से हाईवे पर उतरे, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों ने इसी हवाई पट्टी से उड़ान भरकर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। डिब्रूगढ़ से अरुणाचल प्रदेश स्थित भारत-चीन सीमा (मैकमोहन लाइन/एलएसी) की दूरी लगभग 250 से 300 किलोमीटर है, जिससे इस सुविधा का सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने बताया कि मोरान आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षण चरण से लेकर सफल संचालन तक यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रणनीतिक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम है।
मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने और बुनियादी ढांचे के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा कि मोरान ईएलएफ के माध्यम से भारतीय वायुसेना के विमान आवश्यकता पड़ने पर यहां से संचालन कर सकेंगे। असम इस रणनीतिक पहल में योगदान देकर गौरवान्वित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-127 के डिब्रूगढ़-मोरान खंड पर 4.2 किलोमीटर लंबे प्रबलित कंक्रीट हिस्से को भारतीय वायुसेना के समन्वय से दोहरे उपयोग वाली हवाई पट्टी के रूप में विकसित किया गया है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली राजमार्ग हवाई पट्टी है, जो आपात स्थितियों और रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान लड़ाकू जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों के संचालन में सक्षम होगी।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने असम में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मोरान कार्यक्रम के बाद वे गुवाहाटी पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण किया।
इसके अलावा, अमीनगांव में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati का उद्घाटन किया और पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौरे के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।